न्यू ईयर की रात, पुलिस ऑन फायर! ‘आघात’ में अपराधियों की नींद उड़ी

नए साल के जश्न से पहले जब दिल्ली countdown mode में थी, तभी Delhi Police ने ‘Operation Aaghat’ लॉन्च कर दिया
पूरी रात चले इस अभियान का मकसद साफ था— organized crime को welcome नहीं, warning देना।

जहां शहर नए साल की तैयारी कर रहा था, वहीं अपराधियों का New Year plan पुलिस ने Cancel कर दिया।

South-East Delhi बना Action Ground

‘ऑपरेशन आघात’ के तहत South-East District को hotspot बनाया गया, जहां लंबे समय से active criminal networks पर  direct crackdown किया गया।

अब तक की कार्रवाई में— करीब 300 गिरफ्तारी, 1300 से ज्यादा लोग round-up हथियार, कैश और वाहन जब्त।

मतलब साफ है— यह routine checking नहीं, full-scale clean-up drive थी।

किस कानून में किस पर Action?

Delhi Police के मुताबिक, इस ऑपरेशन में अलग-अलग कानूनों के तहत ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई—

  • 285 आरोपी — Excise Act, NDPS Act और Gambling Act

  • 504 लोग — Preventive custody

  • 116 बदमाश — Bad Character category

  • 10 Property offenders

  • 5 Auto-lifters

Crime portfolio बड़ा था, लेकिन police response उससे भी बड़ा।

Weapons, Drugs और Cash — सब कुछ मिला

रातभर की रेड में जो बरामद हुआ, वह भी कम shocking नहीं—

  •  21 country-made pistols

  •  20 live cartridges

  •  27 knives

  • 12,258 quarters illegal liquor

  •  6.01 kg ganja

  •  ₹2.30 लाख से ज्यादा cash

  •  310 mobile phones

  •  231 two-wheelers

  •  1 four-wheeler

यानी crime toolkit पूरा था, बस इस्तेमाल करने से पहले पुलिस पहुंच गई।

Inter-State Auto Lifter Gang की कहानी

‘Operation Aaghat’ के दौरान Delhi Police की AATS Shahdara Team ने एक inter-state auto-lifter gang का भी पर्दाफाश किया।

इस केस में—50 वर्षीय कमरयाब गिरफ्तार। 4 चोरी की कारें बरामद। यह कोई casual चोरी नहीं थी, बल्कि एक well-planned vehicle theft network था।

CCTV से सड़क तक, पूरा Police Playbook

Police को लंबे समय से चार पहिया वाहन चोरी के cases मिल रहे थे। CCTV फुटेज, local इंटेलिजेंस और secret tip-off इन तीनों के आधार पर 13 दिसंबर को जाल बिछाया गया और ताहिरपुर चौक से SDN अस्पताल रोड पर आरोपी को चोरी की कार के साथ दबोच लिया गया।

पूछताछ में निकला पूरा Network

पूछताछ में सामने आया कि— गाड़ी गाजियाबाद (UP) से चोरी हुई थी। आरोपी मेरठ का रहने वाला है। साथियों माजिद और ताजू के साथ Delhi-NCR से कारें चोरी करता था। चोरी की गाड़ियों के नंबर बदलकर सहारनपुर, संभल, मेरठ और जोधपुर में बेचा जाता था।

Crime Google Maps से चलता था, लेकिन पुलिस tracking उससे तेज निकली।

पुराना Criminal Record भी लंबा

Delhi Police के अनुसार, आरोपी पहले भी 8 मामलों में शामिल कई बार जेल जा चुका अब फरार साथियों की तलाश जारी है।

‘Operation Aaghat’ ने एक बात clear कर दी— New Year celebration आम जनता के लिए है, अपराधियों के लिए नहीं।

जहां कुछ लोग fireworks प्लान कर रहे थे, वहीं कुछ  हथकड़ी के साथ साल बदलते देखेंगे। और यही शायद नए साल का सबसे strong security message है।

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